मइया के गीति -२
मइया जे उतरेली बाग़ में ललना
लोग तमाशा देखे हे ललना।
का ओही माता के देखले ललना
देखत हियरा जुड़ईहे हे ललना।
का ओही माता के देखले ललना
देखत पाप परईहें ए ललना।
पनवा एईसन मईया पातर ललना
फुलवा एईसन सुकुवारी ए ललना ।
गंगा एईसन मईया नीरमल ललना
सूरुज धाहेले जोती ए ललना ।
हाथवा के लहू चुनारीया ललना
बजाजिन की भेसे जईह ए ललना।
हाथवा के लहू सिन्होरवा ललना
कुनेलिन की भेसे जईह ए ललना।
हाथवा के लहू फुलडलिया ललना
मल्होरिन की भेसे जईह ए ललना।
हाथवा के लहू दहीया ललना
गवालिन की भेसे जईह ए ललना।
काहो खाईबी काहो बेलसबी ललना
काहे लेजाईबी कैलाश ए ललना।
पान खाईबी फूल बेलसबी ललना
जस लेजाईबि कैलाश ए ललना।
जस देई जस देई शीतली मईया ललना
अपयस जासु बणी दूर ए ललना।
मईया के गीति एके न गावल जाला। कम से कम दूगो आ नाहीं त पांची गो गावेके चाही।
गुरुवार, 17 दिसंबर 2009
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