गुरुवार, 17 दिसंबर 2009

मईया के गीति- ३

मईया के गीति- ३
आजू दीन आजू दीन आजू दीनवां ना
शीतल मईया अईहे अंगना....... आजु हो दिनवां ना।
सातों मईया अईहे अंगना....... आजु हो दिनवां ना

कहाँ पईबो ए मईया ओढ़ना बिछवना कहाँ हो पईबो ना
रउरा मन जोगे बिछवना कहाँ हो पईबो ना।

अपने मडईया से बोलेले मैत्रेय* सेवका
हम देबो ना हम देबो ना रउरा के मन जोगे बिछवना हमहो देबो ना।

हम देबो रउरा के ओदना बिछवना हम हो देबो ना
रउरा के ललकी चूनारीया हम हो देबो ना।

*अपनी घर की सब लोगन के नाम लेके जोड़ीके गीति गावल जाला.

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