मईया के गीत -५
सिंहवा चढली मईया गरजति अईली
हो की केकरी चढली ना आजु आईं हम पहुनवां हो की केकरी घरवां ना ।
अपनी मडईया से बोलेले कवन* सेवका हमरी घरवां ना
मईया आईं आजु पहुनवां की हमरी घरवां ना।
हम रउरी सिंघवा के खसीया दानावां देईबी
हो रनीयवें** हमरी ना रुउरा के पूजवा चढईहे
की रनीयवें हमरी ना।
* घर की लईकन चाहे बड़हन लोगन के नाम जोड़ी के।
** ऊपर की नाम से जुडल माई , बहिन या पत्नी के नाम रही।
गुरुवार, 17 दिसंबर 2009
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