सोमवार, 20 जून 2011

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मंगलवार, 1 मार्च 2011

विवाह गीत

विवाह गीत 
रानी कोशिला रानी ब्राह्मण भेजेली राजा जनक जी के देश .....
देखि आव ए ब्राह्मण सीता कुमारी के कवने बरन मनुहार..
कईसे में सीता बखानी ए कोशिला रानी सीता सुरुजवा के जोति 
पाँव उनकी शोभेला सोने के पैजनिया  माणिक झलके लीलार
जब हो सीता कूँवरी मड़वा में आवेली मोहेला मडवा के लोग   
मथवा ढकत राजा दशरथ मोहेले  धनी धनि भागि हमार.
जब हो सीता रानी डोलिया में चढ़ेली मोहेलें बतीसो कहार.
बाजन बजावत बजनिया सब मोहेला धनि धनि  अयोध्या के लोग
जब हो सीता रानी अयोध्या में पहुंचेली मोहेला अयोध्या के लोग.
मंगियाँ बहोरत कोशिल्या रानी मोहेली धनी सुंदरी पावलो पतोही 
जब हो सीताही रानी कोहबर में पहुंचेली मोहे कोहबरवा सब लोग.
पासवा खेलत राजा राम चन्द्र मोहेले धनि धनि भागि हमार